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Chardham Yatra: आईआरसीटीसी करा रहा है सस्ते में चार धाम यात्रा, पैकेज में फ्लाइट, होटल और रोड ट्रिप के साथ और क्या है?

IRCTC Chardham Yatra Package

IRCTC Chardham Yatra Package

IRCTC Chardham Yatra Package: भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने तीर्थयात्रियों के लिए चारधाम यात्रा पैकेज का ऐलान किया है. इस पैकेज में यात्रा से लेकर रहने और खाने तक की सभी सुविधाएं शामिल हैं. श्रद्धालुओं को अब अलग-अलग खर्च की चिंता किए बिना चारों धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है. आइए जानते हैं कि इस टूर पैकेज की शुरुआत कब से हो रही हैं और सफर के लिए कितने रुपये खर्च करने होंगे.

यह टूर 15 सितंबर, 2025 से शुरू होगा, जो 27 सितंबर, 2025 तक चलेगा. इस पैकेज की शुरुआत कोच्चि से होगी. इस टूर पैकेज में यात्रियों को 13  दिन और 12 रातें बिताने का मौका मिलेगा. इस पैकेज में पर्यटकों को होटल में रुकने, फ्लाइट टिकट, खाने-पीने आदि कई तरह की सुविधाएं मिलेगी. इसके अलावा ट्रैवल इंश्योरेंस भी इस टूर के तहत शामिल है. ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर की सुविधा आईआरसीटीसी की ओर से दी जाएगी.

पैकेज की खासियत 

पैकेज का नाम– Chardham Yatra Ex-Trivandrum
यात्रा की शुरुआत- कोच्चि से 15 सितंबर 2025 को होगी.
यात्रा का तरीका– कोच्चि से दिल्ली हवाई यात्रा और फिर सड़क मार्ग से चारों धाम के दर्शन.
कवर किए गए स्थान- केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री.
टूर की अवधि – कुल 13 दिन का टूर (15 से 27 सितंबर, 2025).
सुविधाएं - पैकेज में हवाई टिकट, रोड ट्रांसपोर्ट, होटल में ठहराव और भोजन शामिल.

कितना होगा किराया?

टूर पैकेज के लिए टैरिफ पैसेंजर द्वारा चुनी गई ऑक्यूपेंसी के मुताबिक होगा. पैकेज की शुरुआत 64,100 रुपये प्रति व्यक्ति से होगी. ट्रिपल ऑक्यूपेंसी के तहत प्रति व्यक्ति खर्च 64,100 रुपये है. डबल ऑक्यूपेंसी के तहत में प्रति व्यक्ति 65,200 रुपये चुकाने होंगे. वहीं सिंगल ऑक्यूपेंसी का प्रति व्यक्ति खर्च 71,950 रुपये है. आईआरसीटीसी का चारधाम यात्रा पैकेज बुक करना काफी आसान है. आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से बुक कर सकते हैं


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Written by: Dhirendra Mishra

25 Aug 2025  ·  Published: 06:08 IST

क्यों बोले अमित मालवीय - BJP तोड़ सकती है कांग्रेस का 40 साल पुराना रिकॉर्ड?

बीजेपी नेता अमित मालवीय

बीजेपी नेता अमित मालवीय

भारतीय राजनीति में चुनावी दावों और बयानों की गर्मी बढ़ गई है. इसी बीच BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने एक बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि आने वाले चुनावों में भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस का 40 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ सकती है. मालवीय के मुताबिक पार्टी की लोकप्रियता, संगठन की मजबूती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता इसे संभव बनाती है.

अमित मालवीय ने अपने बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए देशभर में सकारात्मक माहौल बना हुआ है. जनता अब राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। इन मुद्दों पर BJP का प्रदर्शन सबसे मजबूत माना जाता है.

 कांग्रेस का 40 साल पुराना रिकॉर्ड क्या है?

कांग्रेस ने 1984 के लोकसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज की थी, जब राजीव गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने 400 प्लस सीटें हासिल की थीं. यह अब तक का सबसे बड़ा बहुमत माना जाता है. मालवीय का संकेत इसी रिकॉर्ड की ओर माना जा रहा है.

BJP किस आधार पर कर रही है दावा?

मोदी नेतृत्व में जनविश्वास बढ़ा है. गरीबों व किसानों के लिए योजनाओं का बड़ा असर. ओवैसी और क्षेत्रीय दलों की वजह से विपक्ष का वोट बिखराव. कांग्रेस की रणनीतिक कमजोरी और नेतृत्व संकट. BJP की बूथ से लेकर पन्ना प्रमुख तक मजबूत ग्राउंड ऑर्गेनाइजेशन.

कई चुनाव विश्लेषक मानते हैं कि BJP अपने मजबूत क्षेत्रों में और बढ़त लेने की तैयारी कर रही है. वहीं विपक्ष एकजुटता की कमी से जूझ रहा है. हालांकि, कुछ राजनीतिक विशेषज्ञों का मत है कि 1984 जैसा परिणाम आधुनिक राजनीति में कठिन है, लेकिन BJP का तर्क है कि मोदी फैक्टर इसे संभव बना सकता है.

मालवीय का निशाना कांग्रेस पर

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी 1984 जैसी संगठनात्मक क्षमता या जनाधार के बराबर नहीं है. उनके अनुसार "कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है. ऐसे में BJP देशभर में ऐतिहासिक जनादेश प्राप्त करने के लिए तैयार है."

किस रिकॉर्ड को तोड़ना चाहती है बीजेपी?

अमित मालवीय ने दावा किया है कि BJP तोड़ सकती है कांग्रेस का 40 साल पुराना रिकॉर्ड. 1984 में राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को भारी जीत मिली थी. BJP ने विकास, सुरक्षा व कल्याण योजनाओं को बताया अपनी ताकत. कमजोर पड़ती कांग्रेस व विपक्षी एकता की कमी को BJP ने बताया फायदा.


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Written by: Dhirendra Mishra

18 Nov 2025  ·  Published: 06:53 IST

एमपी के भिंडर में 200 साल से जारी है अनोखी परंपरा, यहां पर भगवान कृष्ण को 'सलामी' देकर करबला के लिए जाते हैं ताज़िए

एमपी के भिंडर में 200 से जारी है अनोखी परंपरा,

एमपी के भिंडर में 200 से जारी है अनोखी परंपरा,

मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भिंडर कस्बे में इस बार भी मुहर्रम के अवसर पर एक अनोखी और दिल को छू लेने वाली परंपरा निभाई गई. यहां मुस्लिम समुदाय के ताज़िए करबला की ओर जाने से पहले भगवान चतुर्भुज कृष्ण को 'सलामी' अर्पित करते हैं. यह कोई एक-दो साल की बात नहीं, बल्कि दो सदियों से चली आ रही एक जीवंत मिसाल है, जो भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब को दर्शाती है.

मुस्लिम परिवार ने बनवाया था कृष्ण मंदिर

भिंडर के चतुर्भुज कृष्ण मंदिर का इतिहास भी इस सांस्कृतिक सौहार्द को और गहराई से दर्शाता है. मंदिर करीब 200 साल पुराना है और इसे एक मुस्लिम परिवार हजारी परिवार ने बनवाया था. इस मंदिर की मूर्ति भी इसी परिवार को तालाब (सोंतालाई) से मिली थी. इसके बाद उन्होंने इस स्थान को चतुर्भुज महाराज का मंदिर बनवाया और सेवा शुरू की.

सलामी के बाद ही आगे बढ़ते हैं ताजिए

टीओआई के मुताबिक भिंडर करबला कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल जब्बार बताते हैं, "इस बार हमारे पास 37 ताज़िए थे. अंतिम दिन, ताज़िए पहले मंदिर के सामने से गुजरते हैं और वहां 'सलामी' देते हैं. मंदिर के पुजारी बाहर आते हैं और ताज़ियों को आशीर्वाद देते हैं. इसके बाद ही जुलूस आगे बढ़ता है."

हजारी परिवार के बिना मूर्ति नहीं उठती मूर्ति 

परंपरा से जुड़ी ये एक लोककथा भी स्थानीय लोगों के बीच काफ़ी प्रसिद्ध है. अब्दुल जब्बार बताते हैं कि जब भी मंदिर की मूर्तियों को 'ग्यारस' पर स्नान के लिए बाहर ले जाया जाता था, तब तक मूर्ति हिलती तक नहीं थी जब तक हज़ारी परिवार का कोई सदस्य मौजूद न हो. एक बार तो परिवार की आख़िरी बुज़ुर्ग महिला को बिस्तर से उठाकर मंदिर लाया गया, तभी जाकर मूर्ति उठाई जा सकी.

जब मुसलमानों ने मंदिर की सुरक्षा की

रमेश पांडा एक घटना याद करते हुए बताते हैं, "एक बार इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था. पुलिस आई, लेकिन मुस्लिम समाज के लोगों ने प्रशासन से कहा - आप चिंता मत कीजिए, हम मंदिर की रखवाली करेंगे. और उस दिन कोई फोर्स तैनात नहीं की गई थी."

नजीर बनी भिंडर की परंपरा

आज जब देश में अक्सर धार्मिक टकराव की खबरें आती हैं, ऐसे में भिंडर जैसे कस्बे की यह अनोखी परंपरा एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आती है. दो धर्मों के बीच यह आपसी सम्मान, विरासत और सहभागिता का प्रतीक है - जहां ताज़िए भगवान कृष्ण को 'सलामी' देते हैं और मंदिर के पुजारी उन्हें आशीर्वाद देते हैं. यह केवल रस्म नहीं, बल्कि एक साझा संस्कृति की गाथा है.

भिंडर की यह परंपरा हमें बताती है कि जब धर्म के नाम पर दीवारें खड़ी होती हैं, तब इतिहास और विरासत मिलकर पुल बनाते हैं. यहां ताज़ियों का कृष्ण मंदिर को सलामी देना सिर्फ़ एक सांस्कृतिक घटना नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता का प्रतीक है.


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Written by: Dhirendra Mishra

08 Jul 2025  ·  Published: 00:20 IST

बिहार चुनाव 2025: पहले चरण की 121 सीटों पर 1314 उम्मीदवार मैदान में, 16 मंत्रियों की साख दांव पर

बिहार में पहले चरण की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान

बिहार में पहले चरण की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान

Bihar Election 2025 Phase 1: बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण में 121 विधानसभा सीटों पर कुल 1314 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. इस चरण में 16 मंत्रियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है. इनमें एनडीए, महागठबंधन और अन्य दलों के कई प्रमुख चेहरे शामिल हैं. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह चरण राज्य के सियासी रुझान को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा. चुनाव आयोग के अनुसार, नामांकन और स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है. शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा का सख्त पहरा है. बिहार विधानसभा चुनाव (2025) के पहले चरण का मतदान गुरुवार (6 नवंबर, 2025) को होगा. सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो जाएगी. इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

पहले चरण में 3.75 करोड़ मतदाता 1,314 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला करेंगे. इस चरण में महागठंबधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा विजय कुमार सिन्हा के साथ-साथ 16 मंत्रियों की किस्मत भी दांव पर है.

तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से लगातार तीसरी जीत दर्ज करने की कोशिश में हैं. उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सतीश कुमार हैं, जिन्होंने 2010 में जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर तेजस्वी की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पराजित किया था. राघोपुर सीट से जन सुराज पार्टी ने चंचल सिंह को उम्मीदवार बनाया है.

महुआ सीट पर मुकाबला दिलचस्प 

वैशाली की राघोपुर सीट से सटी महुआ सीट पर तेजस्वी यादव के बड़े भाई और जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव बहुकोणीय मुकाबले में फंसे हैं. इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प होगा. तेज प्रताप इस सीट पर आरजेडी विधायक मुकेश रोशन को चुनौती दे रहे हैं. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के संजय सिंह और 2020 में दूसरे स्थान पर रहीं आसमा परवीन निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है.

बीजेपी के 11 और जेडीयू के पांच रेस में 

पहले चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के 16 मंत्रियों की किस्मत का फैसला होगा. इनमें बीजेपी से 11 और जेडीयू से पांच मंत्री शामिल हैं. सीवान से बीजेपी कोटे से स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, बांकीपुर से नितिन नवीन, तारापुर से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, लखीसराय से उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, दरभंगा के जाले से नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा, दरभंगा शहरी से राजस्व मंत्री संजय सरावगी, कुढ़नी से पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, साहिबगंज से पर्यटन मंत्री राजू कुमार, अमनौर से सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्ण कुमार मंटू, बिहारशरीफ से पर्यावरण मंत्री सुनील कुमार और बछवाड़ा से खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता मैदान में हैं.

जेडीयू से पांच मंत्रियों में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी (सराय रंजन), नालंदा से ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, बहादुरपुर से समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, कल्याणपुर से सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी और सोनबरसा से रत्नेश सदा शामिल हैं. 

पहली बार चुनावी मैदान में मंगल पांडेय

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मंत्री मंगल पांडेय पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. वह सीवान सीट से मैदान में हैं, जहां उनका मुकाबला आरजेडी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी से है. मंगल पांडेय फिलहाल विधानसभा पार्षद हैं.

ओसामा से हॉट सीट बनी रघुनाथपुर

सीवान के समीपवर्ती रघुनाथपुर सीट भी चर्चा में है, जहां से बाहुबली और पूर्व सांसद दिवंगत मो. शाहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा शहाब चुनाव लड़ रहे हैं. अन्य चर्चित उम्मीदवारों में बीजेपी से युवा लोक गायिका मैथिली ठाकुर (अलीनगर), आरजेडी से भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव (छपरा) और जन सुराज पार्टी से गायक रितेश पांडेय (करगहर) शामिल हैं.

 मोकामा सीट भी चर्चा में

वहीं सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली सीटों में मोकामा सीट भी शामिल है, जहां जेल में बंद जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह का मुकाबला आरजेडी की वीणा देवी से है, जो बाहुबली नेता सूरज भान की पत्नी हैं. दो बाहुबलियों के चलते सीट की खूब चर्चा है.

 121 सीटों पर आज मतदान

निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान होगा. इनमें दीघा (पटना) में सबसे अधिक 4.58 लाख मतदाता हैं, जबकि बरबीघा (शेखपुरा) में सबसे कम 2.32 लाख मतदाता हैं. कुढ़नी और मुजफ्फरपुर में सर्वाधिक 20-20 उम्मीदवार हैं, जबकि भोरे, अलौली और परबत्‍ता में केवल पांच-पांच उम्मीदवार मैदान में हैं. कुल 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 36,733 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं. कुल मतदाताओं में से 10.72 लाख नए मतदाता हैं, जबकि 18-19 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 7.38 लाख है.

पहले चरण के लिए 121 सामान्य, 18 पुलिस और 33 व्यय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है. निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर जिलों में मतदान होगा.

पहले चरण में कुल तीन करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र होंगे. इनमें एक करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, एक करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. मतदान के लिए कुल 45,341 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें 45,324 मुख्य बूथ और 17 सहायक बूथ होंगे.


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Written by: Dhirendra Mishra

06 Nov 2025  ·  Published: 05:56 IST